राष्ट्रीय भूस्खलन पूर्वानुमान केंद्र
19 जुलाई, 2024 को केंद्रीय कोयला और खान मंत्री ने कोलकाता में राष्ट्रीय भूस्खलन पूर्वानुमान केंद्र (National Landslide Forecasting Centre) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही भूसंकेत वेब पोर्टल और भूस्खलन मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया।
- राष्ट्रीय भूस्खलन पूर्वानुमान केंद्र भारत में भूस्खलन के खतरे को कम करने से संबंधित एक अग्रणी पहल मानी जा रही है। यह स्थानीय प्रशासन और समुदायों को भूस्खलन के बारे में प्रारंभिक जानकारी प्रदान करेगा, भूस्खलन की सूची को अपडेट करेगा।
- यह केंद्र वास्तविक समय में वर्षा और ढलान अस्थिरता (slope instability) संबंधित डेटा को एकीकृत करेगा। यह भूस्खलन के खतरों पर प्रासंगिक जानकारी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 हाल ही में चर्चा में रहे महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र
- 2 हाल ही में चर्चा में रही महत्वपूर्ण वनस्पति एवं जंतु प्रजातियां
- 3 भारत की सबसे बड़ी सौर सेल बनाने वाली इकाई
- 4 महासागर समन्वय तंत्र (OCM) स्थापित करने हेतु समझौता
- 5 परम्बिकुलम बाघ अभयारण्य में जीव-जन्तु सर्वेक्षण
- 6 भारत का सबसे बड़ा इंटरटाइडल बायोब्लिट्ज़ अभियान
- 7 चिड़ियाघर में भारत का पहला 'बायो बैंक'
- 8 लॉगरहेड कछुआ
- 9 अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन
- 10 टाइगर रिकवरी एमिड पीपल एंड पॉवर्टी
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 यूरेनियम संदूषण
- 2 वायु प्रदूषण का कीटों पर प्रभाव
- 3 ग्लेशियल जियोइंजीनियरिंग
- 4 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण
- 5 गिद्ध संरक्षण और सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व
- 6 गुजरात में चीता संरक्षण प्रजनन केंद्र की स्थापना को मंजूरी
- 7 रोज़वुड प्रजातियों के व्यापार पर दिशा-निर्देश
- 8 11 नए बायोस्फीयर रिजर्व नामित
- 9 भारत का हरित ऊर्जा संक्रमण