चाय उद्योग के लिए वित्तीय सहायता की मांग
हाल ही में भारतीय चाय बोर्ड (Tea Board of India) द्वारा केंद्र सरकार से वर्ष 2022-23 से लेकर अगले 5 वर्षों में चाय उद्योग के लिए 1,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी गई है।
- भारतीय चाय बोर्ड द्वारा केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय को सौंपे गए बजट में देश के कुल चाय उत्पादन में 52% योगदान देने वाले छोटे चाय उत्पादकों (Small Tea Growers) की सहायता पर अधिक ध्यान दिया गया है।
भारत का चाय उद्योग
- क्षेत्रफल: वर्ष 2018 के सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में कुल 6.37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चाय की खेती की जाती थी। ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बैराइट्स, फेल्सपार, अभ्रक और क्वार्ट्ज का पुनर्वर्गीकरण
- 2 पंजाब में पोटाश खनन: नई संभावनाएं
- 3 ई-नाम प्लेटफॉर्म का विस्तार: 10 नई वस्तुएं और व्यापार योग्य मापदंड शामिल
- 4 असम के जोगीघोपा में अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल का उद्घाटन
- 5 शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को 'चैलेंज मोड' में विकसित करने का लक्ष्य
- 6 भारत ने रक्षा उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित किया
- 7 भारत: विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण केंद्र
- 8 बजट 2025-26: कपड़ा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं
- 9 केंद्रीय बजट में MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु नए प्रावधान
- 10 बीमा क्षेत्र में FDI सीमा बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव

- 1 फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों हेतु सब्सिडी
- 2 ICRISAT का मॉडलिंग अध्ययन
- 3 राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन पर एक पोर्टल
- 4 ई-कॉमर्स उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा हेतु रूपरेखा
- 5 पीपीपी परियोजनाओं के विकास हेतु वित्तीय सहायता योजना
- 6 बाजार बुनियादी ढांचा संस्थान
- 7 क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात
- 8 सॉवरेन ग्रीन बांड
- 9 डेटा इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए नियामक ढांचा