भारत में सौर अपशिष्ट प्रबंधन : सतत ऊर्जा का सतत समाधान - महेंद्र चिलकोटी
स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है तथा भारत ने वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन से 50% उत्पादन क्षमता प्राप्त करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। नवीकरणीय ऊर्जा का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा का है। भारत में सौर ऊर्जा के लिए निश्चित तौर पर अनुकूल परिस्थितियां हैं, किंतु सौर ऊर्जा के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखते हुए भारत को इसमें प्रयुक्त उपकरणों के प्रभावी निपटान एवं प्रबंधन को लेकर उपाय करने होंगे, ताकि कोई एक पर्यावरणीय समस्या का समाधान दूसरी पर्यावरणीय समस्या का कारण न बने।
भारत, सौर फोटोवोल्टाइक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत में उच्च शिक्षा सुधार रोज़गार क्षमता और अनुसंधान मानकों में वृद्धि आवश्यक - डॉ. अमरजीत भार्गव
- 2 भारत में कौशल अंतराल
- 3 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम विनियामक निगरानी : भारत में डिजिटल मीडिया का विनियमन - आलोक सिंह
- 4 असंगठित क्षेत्र में अदृश्य कार्यबल के रूप में महिलाएं - आलोक सिंह
- 5 जलवायु परिवर्तन एवं वैश्विक दक्षिण समतापूर्ण एवं न्यायसंगत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता - डॉ. अमरजीत भार्गव
- 6 ग्लोबल स्टार्टअप हब के रूप में भारत का उदय विकास के कारक एवं चुनौतियां - डॉ. अमरजीत कुमार
- 7 निवारक स्वास्थ्य देखभाल स्वास्थ्य एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकता - डॉ. अमरजीत कुमार
- 8 भारत-कुवैत रणनीतिक साझेदारी खाड़ी देशों तक भारत की पहुंच में एक महत्वपूर्ण पड़ाव - आलोक सिंह
- 9 शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन भारत का दृष्टिकोण, चुनौतियां तथा आगे की राह - डॉ. अमरजीत भार्गव
- 10 वैश्विक शासन सुधारित बहुपक्षवाद की आवश्यकता एवं महत्वपूर्ण मुद्दे - आलोक सिंह