आईटी एक्ट की निरस्त धारा 66ए का अभी भी हो रहा प्रयोग
- गृह मंत्रालय ने 14 जुलाई, 2021 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की निरस्त धारा 66ए (Section 66A) के तहत दर्ज मामलों को तुरंत वापस लेने के लिए कहा।
- गृह मंत्रालय ने एक एडवाइजरी के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से कहा कि वे सभी पुलिस स्टेशनों को यह निर्देश दें कि वे इस रद्द प्रावधान के तहत मामले दर्ज न करें।
न्यायालय का नवीनतम निर्णय
- 5 जुलाई, 2021 को उच्चतम न्यायालय ने उसके द्वारा वर्ष 2015 के श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ के मामले में सूचना प्रौद्योगिकी कानून की ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सरकार का कर्मचारियों हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निर्देश
- 2 भारत के राज्य प्रतीक के दुरुपयोग को रोकने का निर्देश
- 3 राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के कार्यकाल का विस्तार
- 4 मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू
- 5 ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ सिद्धांत
- 6 तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति
- 7 परिहार के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश
- 8 निष्पक्ष सुनाई का अधिकार
- 9 फ्रीबीज़ पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की
- 10 अभियुक्त को गिरफ्तारी का कारण बताना संवैधानिक अनिवार्यता

- 1 आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक, 2021
- 2 पृथक्करणीयता का सिद्धांत एवं 97वां संविधान संशोधन
- 3 अभियोजन से छूट के लिए विधायी विशेषाधिकारों का दावा अनुचित
- 4 न्यायपालिका हेतु बुनियादी सुविधा विकास योजना
- 5 केंद्र सरकार की जगह संघीय सरकार शब्द का प्रयोग
- 6 सहकारिता मंत्रालय का गठन
- 7 व्हाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी एवं डेटा सुरक्षा
- 8 गोदावरी व कृष्णा के प्रबंधन बोर्ड के अधिकार क्षेत्र अधिसूचित