महिला भागीदारी आर्थिक वृद्धि के लिए लैंगिक समानता आवश्यक

किसी भी देश की आधी आबादी के कार्यबल को तरजीह दिए बगैर एकीकृत विकास संभव नहीं

  • भारत आज सकल घरेलू वृद्धि दर के मामले में एक अग्रणी देश है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार भारत की आर्थिक विकास दर अगले दो साल तक सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बनी रहेगी। इस विकास गति में यदि महिलाओं की भागीदारी को उपयुक्त ढंग से शामिल किया जाये तो इसमें और भी सक्रियता के साथ तेजी लायी जा सकती है। आज भी कार्यबल में पुरुषों की ही प्रधानता है जबकि खेती, विनिर्माण,निर्माण और छोटे स्तर की गतिविधियों में महिलाओं ....
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