हाइड्रोजन के किफ़ायती उत्पादन हेतु रिएक्टर
मोहाली स्थित ‘नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान’ (Institute of Nano Science and Technology - INST) के वैज्ञानिकों की टीम ने हाइड्रोजन का उत्पादन करने वाला एक रिएक्टर विकसित किया है।
मुख्य बिंदु
- वर्तमान प्रोटोटाइप रिएक्टर हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए सूर्य के प्रकाश द्वारा संचालित होता है।
- यह सूरज के प्रकाश और पानी का उपयोग कर पर्याप्त मात्रा में हाइड्रोजन का उत्पादन करता है।
- वैज्ञानिकों ने कार्बन नाइट्राइड नामक रसायन का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में किया है जो पृथ्वी पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
- यह स्थायी या सतत संसाधनों व स्रोतों का उपयोग करके पर्याप्त मात्रा में हाइड्रोजन का उत्पादन ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 हाल ही में चर्चा में रहे महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र
- 2 हाल ही में चर्चा में रही महत्वपूर्ण वनस्पति एवं जंतु प्रजातियां
- 3 भारत की सबसे बड़ी सौर सेल बनाने वाली इकाई
- 4 महासागर समन्वय तंत्र (OCM) स्थापित करने हेतु समझौता
- 5 परम्बिकुलम बाघ अभयारण्य में जीव-जन्तु सर्वेक्षण
- 6 भारत का सबसे बड़ा इंटरटाइडल बायोब्लिट्ज़ अभियान
- 7 चिड़ियाघर में भारत का पहला 'बायो बैंक'
- 8 लॉगरहेड कछुआ
- 9 अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन
- 10 टाइगर रिकवरी एमिड पीपल एंड पॉवर्टी
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 प्रकृति और लोगों हेतु उच्च आकांक्षा गठबंधन
- 2 वन संरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित परिवर्तन
- 3 भारतीय चिडि़याघरों के लिए विजन प्लान 2021-2031
- 4 बाघ संरक्षण के बारे में जागरूकता हेतु बाघ रैलियों की शुरुआत
- 5 हाथी को करंट लगने से बचाने के लिए ओडिशा की पहल
- 6 मुंबई में ईल की नई प्रजाति
- 7 बायो डीकंपोजर : पराली दहन का समाधान
- 8 हिंदु-कुश हिमालय क्षेत्र में झीलों का बढ़ना