मध्यस्थता एवं सुलह (संशोधन) विधेयक, 2021
12 फरवरी, 2021 को लोकसभा ने ध्वनि मत से मध्यस्थता एवं सुलह (संशोधन) विधेयक, 2021 [Arbitration and Conciliation (Amendment) Bill, 2021] पारित किया। यह मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 में संशोधन करता है।
- यह विधेयक 4 नवंबर, 2020 को जारी मध्यस्थता एवं सुलह (संशोधन) अध्यादेश, 2020 को प्रतिस्थापित करेगा।
- यह विधेयक मध्यस्थता समझौते के आधार पर पारित या धोखाधड़ी / भ्रष्टाचार से प्रभावित मध्यस्थता आदेशों के प्रवर्तन को बिना शर्त रोके जा सकने की अनुमति प्रदान करता है। यह संशोधन धोखाधड़ी से संबंधित मध्यस्थता के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित निर्णयों के भी अनुरूप है।
मुख्य विशेषताएं
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सरकार का कर्मचारियों हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निर्देश
- 2 भारत के राज्य प्रतीक के दुरुपयोग को रोकने का निर्देश
- 3 राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के कार्यकाल का विस्तार
- 4 मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू
- 5 ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ सिद्धांत
- 6 तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति
- 7 परिहार के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश
- 8 निष्पक्ष सुनाई का अधिकार
- 9 फ्रीबीज़ पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की
- 10 अभियुक्त को गिरफ्तारी का कारण बताना संवैधानिक अनिवार्यता