13वें प्रमुख बंदरगाह की स्थापना
- 5 फरवरी, 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र के वधावन (Vadhavan) में 65,544-54 करोड़ रुपये की लागत से देश के 13वें प्रमुख बंदरगाह की स्थापना को मंजूरी दी।
- वधावन बंदरगाह ‘भू-स्वामित्व मॉडल’ में विकसित किया जाएगा। वधावन बंदरगाह के विकास के बाद भारत विश्व के शीर्ष 10 कंटेनर बंदरगाह वाले देशों में शामिल हो जाएगा।
- इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) बनाया जाएगा। इसमें जवाहरलाल नेहरू पत्तन न्यास सबसे बड़ा साझेदार होगा; जिसके पास 50% से अधिक हिस्सेदारी होगी। यह एसपीवी, बंदरगाह का बुनियादी ढांचा विकसित करेगा।
- तट के निकट वधावन बंदरगाह में प्राकृतिक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत की तांबे की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में वैश्विक पहल
- 2 भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के लिए पहली अन्वेषण लाइसेंस नीलामी
- 3 भारत में कोयला उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि
- 4 पोषक तत्त्व सब्सिडी योजनाओं का अपर्याप्त वित्तपोषण
- 5 राष्ट्रीय सागरमाला शीर्ष समिति (NSAC) की बैठक
- 6 एनएचएआई द्वारा InvIT मुद्रीकरण पूरा
- 7 भारत के पहले वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब हेतु समझौता
- 8 लोक लेखा समिति द्वारा जीएसटी ढांचे की व्यापक समीक्षा की मांग
- 9 12वां क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम
- 10 अनुसंधान एवं विकास में भारत की प्रगति