अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र की दोहा बैठक में भारत शामिल
30 जून से 1 जुलाई, 2024 तक कतर की राजधानी दोहा में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में 'अफगानिस्तान पर विशेष दूतों की तीसरी बैठक' (Third Meeting of Special Envoys on Afghanistan) आयोजित की गई, जिसमें तालिबान द्वारा भी भागीदारी की गई।
- इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले 25 देशों में भारत भी शामिल हुआ।
- बैठक में तालिबान ने स्वयं को अफगानिस्तान के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत किया। बैठक का उद्देश्य उद्देश्य तालिबान शासन के तहत अफगान लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के उपायों की खोज करना था।
- यह बैठक अफगानिस्तान पर दिल्ली क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता (Delhi Regional Security Dialogue ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 कतर के अमीर की भारत की राजकीय यात्रा
- 2 भारतीय प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा
- 3 भारतीय प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा
- 4 BIMSTEC युवा शिखर सम्मेलन 2025
- 5 भारत व पनामा के मध्य बुनियादी ढांचे के विकास हेतु एमओयू
- 6 अमेरिका से भारतीयों का निर्वासन
- 7 भारत-फ्रांस एआई एक्शन शिखर सम्मेलन
- 8 इंडिया-EFTA डेस्क की शुरुआत
- 9 भारतीय विदेश मंत्री की 8वें हिंद महासागर सम्मेलन में भागीदारी
- 10 अमेरिका का अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पर प्रतिबंध

- 1 संयुक्त परमाणु निरोधक दिशा-निर्देशों पर अमेरिका व दक्षिण कोरिया सहमत
- 2 यूनाइटेड किंगडम में नए प्रधानमंत्री का चुनाव
- 3 लेबनान-इज़रायल 'ब्लू लाइन'
- 4 रवांडा
- 5 चैगोस द्वीप समूह
- 6 नाइन-डैश लाइन
- 7 24वां SCO शिखर सम्मेलन
- 8 कोडेक्स एलीमेंटेरियस आयोग की कार्यकारी समिति का 86वां सत्र
- 9 कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन में बांग्लादेश शामिल
- 10 यूक्रेन के परमाणु संयंत्रों पर प्रस्ताव
- 11 भारत ने ICCPR की समीक्षा सफलतापूर्वक पूरी की
- 12 भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों के 75 वर्ष
- 13 मॉरीशस में भारत का पहला विदेशी जन औषधि केंद्र