भारत- फ्रांस संबंध : दीर्घकालिक द्विपक्षीय सहयोग की रणनीति पर बढ़ते कदम - डॉ. अमरजीत भार्गव
भारत एवं फ्रांस अपने संप्रभु एवं रणनीतिक हितों के अनुरूप आपसी सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। दोनों देश लोकतंत्र के प्रति साझा प्रतिबद्धता के साथ बहुपक्षवाद तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का समर्थन करते हैं। पिछले 25 वर्षों में फ्रांस और भारत के मध्य विकसित विश्वास एवं एकजुटता वर्तमान दौर की कठिन वैश्विक चुनौतियों से निपटने हेतु आवश्यक है। दोनों देश जलवायु परिवर्तन का सामना करने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति विस्तार को संतुलित करने तथा बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए समान रूप से प्रयासरत हैं। इस संदर्भ में, भारतीय प्रधानमंत्री की ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत में उच्च शिक्षा सुधार रोज़गार क्षमता और अनुसंधान मानकों में वृद्धि आवश्यक - डॉ. अमरजीत भार्गव
- 2 भारत में कौशल अंतराल
- 3 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम विनियामक निगरानी : भारत में डिजिटल मीडिया का विनियमन - आलोक सिंह
- 4 असंगठित क्षेत्र में अदृश्य कार्यबल के रूप में महिलाएं - आलोक सिंह
- 5 जलवायु परिवर्तन एवं वैश्विक दक्षिण समतापूर्ण एवं न्यायसंगत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता - डॉ. अमरजीत भार्गव
- 6 ग्लोबल स्टार्टअप हब के रूप में भारत का उदय विकास के कारक एवं चुनौतियां - डॉ. अमरजीत कुमार
- 7 निवारक स्वास्थ्य देखभाल स्वास्थ्य एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकता - डॉ. अमरजीत कुमार
- 8 भारत-कुवैत रणनीतिक साझेदारी खाड़ी देशों तक भारत की पहुंच में एक महत्वपूर्ण पड़ाव - आलोक सिंह
- 9 शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन भारत का दृष्टिकोण, चुनौतियां तथा आगे की राह - डॉ. अमरजीत भार्गव
- 10 वैश्विक शासन सुधारित बहुपक्षवाद की आवश्यकता एवं महत्वपूर्ण मुद्दे - आलोक सिंह