वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात (ICRR) पर RBI के दिशा-निर्देश
हाल ही में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों को एक निश्चित अवधि के लिए अपनी जमा राशि में वृद्धि पर 10% का ‘वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात’ (Incremental Cash Reserve Ratio: ICRR) बनाए रखने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए।
- बैंकों को नकद आरक्षित अनुपात (CRR) के रूप में अपनी जमा राशि और कुछ अन्य देयताओं के एक निश्चित अनुपात के बराबर तरल नकदी (Liquid Cash) RBI के पास रखनी होती है।
- यह अर्थव्यवस्था में कैश को नियंत्रित करने के लिए RBI के पास उपलब्ध एक उपकरण है और यह बैंक तनाव (bank stress) की अवधि में बफर (Buffer) के रूप में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बैराइट्स, फेल्सपार, अभ्रक और क्वार्ट्ज का पुनर्वर्गीकरण
- 2 पंजाब में पोटाश खनन: नई संभावनाएं
- 3 ई-नाम प्लेटफॉर्म का विस्तार: 10 नई वस्तुएं और व्यापार योग्य मापदंड शामिल
- 4 असम के जोगीघोपा में अंतर्देशीय जलमार्ग टर्मिनल का उद्घाटन
- 5 शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को 'चैलेंज मोड' में विकसित करने का लक्ष्य
- 6 भारत ने रक्षा उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित किया
- 7 भारत: विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण केंद्र
- 8 बजट 2025-26: कपड़ा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं
- 9 केंद्रीय बजट में MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु नए प्रावधान
- 10 बीमा क्षेत्र में FDI सीमा बढ़ाकर 100% करने का प्रस्ताव