पुलिस ब्रीफि़ंग पर मैनुअल बनाने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
13 सितंबर, 2023 को सर्वोच्च न्यायालय ने एक निर्देश जारी करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा मीडिया को की जाने वाली ब्रीफिंग का नतीजा मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को 90 दिनों के भीतर पुलिस ब्रीफिंग पर एक मैनुअल तैयार करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा उल्लेखित प्रमुख बिंदु
- मीडिया ट्रायल को रोकनाः मीडिया ट्रायल समय से पहले आरोपी के अपराध को निर्धारित करता है, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए।
- पुलिस महानिदेशकों (DGP) से इनपुटः शीर्ष अदालत ने सभी राज्य पुलिस महानिदेशकों (DGP) से मैनुअल के लिए अपने सुझाव देने को कहा है।
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सरकार का कर्मचारियों हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निर्देश
- 2 भारत के राज्य प्रतीक के दुरुपयोग को रोकने का निर्देश
- 3 राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के कार्यकाल का विस्तार
- 4 मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू
- 5 ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ सिद्धांत
- 6 तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति
- 7 परिहार के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश
- 8 निष्पक्ष सुनाई का अधिकार
- 9 फ्रीबीज़ पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की
- 10 अभियुक्त को गिरफ्तारी का कारण बताना संवैधानिक अनिवार्यता