भारत में भूमि सुधारः चुनौतियां एवं समाधान
जनगणना 2011 के अनुसार भारत की कुल श्रमशक्ति 400 मिलियन से अधिक है, जिसमें से करीब 13 मिलियन सीधे कृषि कार्य में लगे हुए हैं तथा इनका आर्थिक आय में योगदान 16.5 प्रतिशत है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि कार्य के महत्व को उजागर करता है, जिसका मुख्य आधार भूमि है। स्वतंत्रता के समय भूमि का स्वामित्व कुछ लोगों तक ही सीमित था। इसने एक तरफ तो कृषकों के शोषण को बढ़ावा दिया तो दूसरी तरफ सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बाधित किया।
- स्वतंत्रता के पश्चात केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा कृषि आधार को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। भारतीय ....
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