समुद्री सूक्ष्म शैवाल से एंटी-टीबी एजेंट की प्राप्ति
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (NIOT) के अराइन बायोटेक्नोलॉजी डिवीजन ने एक समुद्री सूक्ष्म शैवाल क्लोरेला वल्गारिस (Chlorella vulgaris) से औषधीय (pharmacological) महत्व के बायोमोलेक्यूल्स को सफलतापूर्वक अलग करने में सफलता प्राप्त की है| इस बायोमोलेक्यूल में क्षय रोग (टीबी) से लड़ने के गुण की खोज की गई है।
मुख्य बिन्दु
- यह संभवत: पहली बार है कि कम लागत निष्कर्षण प्रक्रिया के माध्यम से समुद्री सूक्ष्म शैवाल क्लोरेला वल्गरिस से एक एंटी-टीबी एजेंट विकसित किया गया है।
- यह सूक्ष्म शैवाल से कई सूक्ष्म बायोमेक्यूल के उत्पादन की एक लागत प्रभावी तकनीक प्रदान करता है, जो कि समुद्री सूक्ष्म शैवाल ....
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